Mantra Siddha Kavach - KARYALAY Mantra Siddha... Mantra Siddha Kavach Our Mantra Siddha Kawach...

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  • Mantra Siddha Kavach

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    Kawach Name Kawach Benifits Price

    अमोघ महामतृययुंजय कवच Amogh Mahamrutyunjay Kawach

    मदद जन्भ कुॊ डरी भें भतृ्म ुका मोग फन यहा हो, भायक ग्रहों की दशा के दौयान प्राणबम, शत्रआुदद के कायण प्राणबम, आकस्मभक कुण्डरी भें दरु्घटनाओॊ के मोग फन यहे हो, फाय-फाय मवाम्म सॊफॊधधत सभममाएॊ कष्ट दे यदह हो, औषधधमों का प्रबाव रेशभात्र हो यहा हो आदद सबी कायण स्जससे प्राण सॊकट भें हो तफ शामत्रोक्त भतानशुाय अभोर् भहाभतृ्मुॊजम कवच सवघशे्रष्ठ उऩाम भाना जाता हैं। शामत्रों भें वर्णघत हैं की एक फाय देवी बगवती ने बगवान शशव से ऩूछा कक प्रब ू अकार भतृ्म ुसे यऺा कयने औय सबी प्रकाय के अशबुों से यऺा का कोई सयर उऩाम फताइए। तफ बगवान शशव ने भहाभतृ्मुॊजम कवच के फाये भें फतामा। भहाभृॊत्मजुम कवच को धायण कयके भनषु्म का सबी प्रकाय के अननष्ट से फच होता हैं औय

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  • अकार भतृ्म ुको बी टार सकता हैं। अभोद्म ्भहाभतृ्मुॊजम कवच व उल्रेर्ित अन्म साभग्रीमों को शामत्रोक्त ववधध-ववधान से ववद्वान ब्राह्भणो द्वाया सवा राि भहाभतृ्मुॊजम भॊत्र जऩ एवॊ दशाॊश हवन द्वाया ननशभघत ककमा जाता हैं इस शरए कवच अत्मॊत प्रबावशारी होता हैं।

    राज राजेश्वरी कवच Raj Rajeshwari Kawach

    श्री याज याजेश्वयी कवच को धायण कयने से व्मस्क्त को सिु सभवृि, धन, ऐश्वमघ, भान-सम्भान, सौबाग्म आदद की काभनाएॊ ऩूणघ होती हैं। मह कवच ववशेष रुऩ से याजकामघ अथाघत सयकाय से जड़ेु कामों भें ववशेष सपरता प्रदान कयने वार हैं। कवच के प्रबाव से सकर प्रकाय के याज कामघ सयरता से ऩूणघ होते हैं। सयकायी ववबाग एवॊ साभास्जक कामघ कयने वारों को कवच के प्रबाव से ववशेष राब की प्रास्तत होती हैं।

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    सवव कायव ससद्धि कवच Sarv Karya Siddha Kawach

    स्जस व्मस्क्त को राि प्रमत्न औय ऩरयश्रभ कयने के फादबी उसे भनोवाॊनछत सपरतामे एवॊ ककमे गमे कामघ भें शसवि (राब) प्रातत नहीॊ होती, उस व्मस्क्त को सवघ कामघ शसवि कवच अवश्म धायण कयना चादहमे। कवच के प्रभिु राब: सवघ कामघ शसवि कवच के द्वाया सिु सभवृि औय नव ग्रहों के नकायात्भक प्रबाव को शाॊत कय धायण कयता व्मस्क्त के जीवन से सवघ प्रकाय के द:ुि-दारयद्र का नाश हो कय सिु-सौबाग्म एवॊ उन्ननत प्रास्तत होकय जीवन भे सशब प्रकाय के शबु कामघ शसि होते हैं। स्जसे धायण कयने से व्मस्क्त मदद व्मवसाम कयता होतो कायोफाय भे ववृि होनत हैं औय मदद नौकयी कयता होतो उसभे उन्ननत होती हैं। • सवघ कामघ शसवि कवच के साथ भें सवघजन वशीकयण कवच के शभरे होने की वजह से धायण कताघ की फात का दसूये व्मस्क्तओ ऩय प्रबाव फना यहता हैं। • सवघ कामघ शसवि कवच के साथ भें अष्ट रक्ष्भी कवच के शभरे होने की वजह से व्मस्क्त ऩय सदा भाॊ भहा रक्ष्भी की कृऩा एवॊ आशीवाघद फना यहता हैं। स्जमसे भाॊ रक्ष्भी के अष्ट रुऩ (१)-आदद रक्ष्भी, (२)-धान्म रक्ष्भी, (३)- धमैघ रक्ष्भी, (४)-गज रक्ष्भी, (५)-सॊतान रक्ष्भी, (६)-ववजम रक्ष्भी, (७)-ववद्मा रक्ष्भी औय (८)-धन रक्ष्भी

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  • इन सबी रुऩो का अशीवाघद प्रातत होता हैं। • सवघ कामघ शसवि कवच के साथ भें तॊत्र यऺा कवच के शभरे होने की वजह से ताॊत्रत्रक फाधाए दयू होती हैं, साथ ही नकायात्भक शस्क्तमो का कोइ कुप्रबाव धायण कताघ व्मस्क्त ऩय नहीॊ होता। इस कवच के प्रबाव से इषाघ-द्वेष यिने वारे व्मस्क्तओ द्वाया होने वारे दषु्ट प्रबावो से यऺा होती हैं। • सवघ कामघ शसवि कवच के साथ भें शत्र ुववजम कवच के शभरे होने की वजह से शत्र ु से सॊफॊधधत सभमत ऩयेशाननओ से मवत् ही छुटकाया शभर जाता हैं। कवच के प्रबाव से शत्र ुधायण कताघ व्मस्क्त का चाहकय कुछ नही त्रफगाड़ सकते। अन्म कवच के फाये भे अधधक जानकायी के शरमे कामाघरम भें सॊऩकघ कये: ** ककसी व्मस्क्त ववशषे को सवघ कामघ शसवि कवच देने नही देना का अॊनतभ ननणघम हभाये ऩास सयुक्षऺत हैं।

    श्री घुंटाकर्व महावीर सवव ससद्धि प्रद कवच Shri Ghantakarn Mahavir

    Sarv Siddhi Prad Kawach

    कवच को धायण कयने से धायण कताघ की सकर भनोकाभनाएॊ ऩूणघ होती हैं। उसका सबी प्रकाय के बतू-पे्रत आदद उऩद्रव से यऺण होता हैं। दषु्ट व असयुी शस्क्तमों से उत्ऩन्न होने वारे सबी प्रकाय के बम कवच के प्रबाव से दयू हो ज